पटना सिटी (न्यूज सिटी)। कोविड-19 के त्रासदी को देखते हुए देश में राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन लागू है। वही इसको लेकर आमलोगों में हो रही परेशानी को...
पटना सिटी (न्यूज सिटी)। कोविड-19 के त्रासदी को देखते हुए देश में राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन लागू है। वही इसको लेकर आमलोगों में हो रही परेशानी को देखते हुए राज्य सरकार ने कुछ शर्तों के आधार पर थोड़ी सी ढील दी हैं। वही लॉक डाउन में पुलिस जनता हित के लिए मसीहा बन गयी है और जिन कारणों से उन्हें कोरोना योद्धा का संज्ञा दी गई हैं, जबकि आज जिस तरह से पुलिस कर्मी लॉक डाउन के आड़ में दादागिरी की है, वो वाकई में शर्मनाक है।

हालांकि दबंगई का मामला खाजेकलां थाना क्षेत्र के पश्चिम दरवाज़ा मोड़ की है, जहाँ मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए एक युवक बिना हेलमेट के स्कूटी पर सवार एक युवक पहुंचा। इसी दौरान वहाँ पर ट्रैफिक डयूटी में लगे पुलिस कर्मी ने युवक द्वारा हेलमेट नही पहनने की बात को लेकर कहासुनी करने के दौरान युवक का वीडियो बनाने लगे। इसको लेकर युवक ने पुलिस कर्मी का विरोध की तो युवक के साथ मारपीट भी करने लगे। जिसके बाद युवक ने घटना की जानकारी युवक ने अपने पिता संजय कुमार को मोबाइल पर दिया। हालांकि स्कूटी सवार युवक के पिता फतुहां प्रखंड में पदस्थापित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी बताये जाते है। जिसके बाद संजय कुमार मौके पर पहुंच कर मामला को समझने के बाद पुलिस कर्मी से हेलमेट नही पहनने पर जुर्माना वसूलने की बात कहा। तो पुलिसकर्मी आक्रोशित होकर उसे गाली गलौज करने लगे। जब युवक ने इस बात का विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने युवक की पिटाई कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे युवक के पिता के साथ में पुलिसकर्मियों ने धक्का-मुक्की कर दुर्व्यवहार किया।
वहीं युवक के पिता ने पूरे मामले की जानकारी पटना सिटी एसडीओ राजेश रौशन और एएसपी मनीष कुमार को अवगत कराया। जिसके बाद दोनों अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। वही मौके पर पीड़ित पिता का कहना था कि वे खुद कोरोना वारियर्स के परिवार के सदस्य हैं। ऐसा में पुलिसकर्मियों द्वारा उनके बेटे के पिटाई और उनके साथ गाली गलौज करना पुलिस की दबंगई को दर्शाता है। हालांकि मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर मौजूद पटना सिटी एसडीओ ने ट्रैफिक नियम के अनुपालन की बात दोहराते हुए पूरे मामले की जांच कराए जाने की बात को दोहराया है।



