Page Nav

HIDE

add

Breaking News:

latest

add

 




 


 


संकट में भी गरीबों व किसानों का हित नहीं भूलते प्रधानमन्त्री मोदी: संजय जायसवाल

पटना। खाद सब्सिडी बढ़ाने के लिए प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आभार प्रकट करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने कहा कि प्र...

पटना। खाद सब्सिडी बढ़ाने के लिए प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आभार प्रकट करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के किसानों का हित हमेशा से सर्वोपरि रहा है. कोरोना जैसी आपदा में भी गरीबों के लिए निशुल्क खाद्यान की व्यवस्था तथा किसान सम्मान निधि की क़िस्त को समय पर वितरित कर के उन्होंने यह दिखाया कि वह संकट में भी गरीबों व किसानों का हित नहीं भूलते और अब इसी कड़ी में उन्होंने  DAP खाद के लिए सब्सिडी 500 रुपये प्रति बैग से 140 प्रतिशत बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति बैग करने का ऐतिहासिक निर्णय ले लिया है. गौरतलब हो कि देश में प्रति बोरी सब्सिडी की राशि कभी भी एक बार में इतनी नहीं बढ़ाई गई है इससे न केवल खेती की लागत कम रहेगी बल्कि किसानों का मनोबल भी बढ़ेगा.


उन्होंने कहा कि बीते कुछ समय से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फॉस्फोरिक एसिड, अमोनिया आदि की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे खाद की कीमत भी बढ़ रही थी. इसी को लेकर बीते दिनों आयोजित हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री जी अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद किसानों को पुरानी दरों पर ही खाद की आपूर्ति करने पर जोर दिया. जिसके बाद मूल्य वृद्धि का सारा भार खुद उठाते हुए केंद्र सरकार ने इस सराहनीय निर्णय पर पानी मुहर लगा दी. इस निर्णय से डीएपी खाद का एक बैग 2400 रुपये के बजाय 1200 रुपये में ही मिलेगा.

डॉ जायसवाल ने कहा कि इसी तरह महामारी से जूझते हुई भी केंद्र सरकार द्वारा गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देश के 80 करोड़ राशनकार्ड धारकों को दो महीने तक निशुल्क खाद्यान्न देने का निर्णय भी यह सरकार पहले ही ले चुकी है. यह संख्या यानी अमेरिका की आबादी से दुगने से भी अधिक है. याद करें तो पिछली साल भी सरकार ने इसी योजना के तहत अप्रैल से नवंबर यानी 8 महीनों तक इतने ही लोगों को मुफ्त राशन दिया था. इस योजना पर अभी तक लगभग 3 लाख करोड़ रु खर्च हो चुके हैं और गरीबों व किसानों की सहायता का सिलसिला लगातार जारी है.

उन्होंने कहा कि कोरोना आपदा के इस भीषण वेग के बीच में इस तरह की बैठकें और निर्णय यह दिखाते हैं कि महामारी से लड़ने के साथ-साथ केंद्र सरकार की निगाहें गरीबों व किसानों के कल्याण के अपने संकल्प पर भी बराबर टिकी हुई हैं.

ADD

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now