पटना (न्यूज सिटी)। पटना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य पप्पू वर्मा ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को लेकर हुए लॉक डाउन से बिहार से...
पटना (न्यूज सिटी)। पटना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य पप्पू वर्मा ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को लेकर हुए लॉक डाउन से बिहार से बाहर फंसे हुए प्रवासी मजदूर व छात्रों को लगातार राहत सामग्री पहुंचाने का प्रयास सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी के अपील पर सेवा ही धर्म है और कोई भूखा न रहे के संकल्प को अपने जीवन का ध्येय बना कर पटना विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य पप्पू वर्मा ने बिहार के प्रवासी मजदुरो व छात्रों को बिभिन्न माध्यमो से हर संभव राशन सामग्री समेत अन्य सुविधाएं मुहैया करवा चुके है। विभिन्न माध्यमों से प्राप्त सूचना के आधार पर पटना, दिल्ली में फंसे सैकड़ो लोगों को अभी तक राशन-सामग्री मुहैया करवाया गया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा इन सभी के समस्याओं को देखते हुए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने के बाद से प्रवासी श्रमिकों, छात्रों, तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को अपने गंतव्य स्थानों पर पहुंचने में सहूलियत हो रही है। लेकिन अभी भी पर्याप्त मात्रा में ट्रेन नहीं रहने के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लॉक डाउन की वजह से दूसरों राज्यों में रह रहे प्रवासी श्रमिक, छात्र, तीर्थयात्री पर्यटकों को केंद्र सरकार के आग्रह पर वहां की राज्य सरकारों ने बिहार के लोगों को मदद पहुंचाने में कहीं न कहीं भेदभाव किया है। जिसके वजह से मजदूरों में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हुआ।

श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलने के बाद भी काफी संख्या में लोगों को रहने एवं लोगो मे वहां की राजनीतिक पार्टियों द्वारा अफवाह फैलाने की वजह से परेशानी उत्पन्न हो गया। बिहार सरकार ने भी बड़े पैमाने पर सभी राज्यों में व्यवस्था करवाने का प्रयास किया, नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है। लेकिन अधूरी व्यवस्था के कारण अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। बिहार के श्रमिक, छात्र, तीर्थयात्री और श्रद्धालु पर्यटक विभिन्न राज्यों में लॉक डाउन की वजह से रुके हुए थे उन्हें किसी तरह की परेशानी ना हो केंद्र सरकार द्वारा स्पेशल ट्रेन चलाए जाने से उन सभी को काफी राहत मिली है।



